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चालीसा

माँ दुर्गा कवच, मार्कडेय पुराण से लिए गए श्लोकों का सम्पूर्ण संग्रह

माँ दुर्गा कवच पाठ श्रृणु देवि प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वसिद्धिदम् । पठित्वा पाठयित्वा च नरो मुच्येत संकटात् ॥ १॥  अज्ञात्वा कवचं देवि दुर्गामंत्रं च यो जपेत् । स नाप्नोति फलं तस्य परं च नरकं व्रजेत् ॥ २॥  उमादेवी शिरः पातु ललाटे शूलधारिणी । चक्षुषी खेचरी पातु कर्णौ चत्वरवासिनी ॥ ३॥  सुगंधा …

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श्री दुर्गा सप्तश्लोकी

श्री दुर्गा सप्तश्लोकी ॐ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमहामन्त्रस्य नारायण ऋषिः । अनुष्टुपादीनि छन्दांसि । श्रीमहाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वत्यो देवताः । श्री जगदम्बाप्रीत्यर्थ पाठे विनियोगः ॥ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवि भगवती हि सा । बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ॥१॥ दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि । दारिद्रयदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द चित्ता ॥२॥ सर्वमंगलमांगल्ये …

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जानिये गणेश जी के दिव्य 10 मन्त्र

1. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वरवरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ।। यह महागणपती मंत्र है। चतुर्थी तिथी से 21 दिनो तक प्रतिदिन गणेशजी के निमित्त गं गणेशं तर्पयामी से 444 बार प्रतिदिन तर्पण करें । इससे आपको सर्वआपदाओं से मुक्ती मिलेगी । इस प्रयोग से करने से …

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क्योँ, कब और कैसे करें बजरंग बाण का पाठ

कहा जाता है कि जहां बजरंगबाण का पाठ किया जाता है,वहां हनुमान जी स्वयं आ जाते हैं| क्यों है बजरंग बाण अचूक? यदि आप पवनपुत्र श्रीराम के भक्त हैं तो आप श्रीराम का नाम लें और हनुमान जी आपकी मदद के लिए न आएं ऐसा नहीं हो सकता, क्योंकि बजरंग …

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श्रीगोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम्-4

विष्वक्सेन: सत्यसन्ध: सत्यवान्सत्यविक्रम: । सत्यव्रत: सत्यसंज्ञ सर्वधर्मपरायण: ।।121।। आपन्नार्तिप्रशमनो द्रौपदीमानरक्षक: । कन्दर्पजनक: प्राज्ञो जगन्नाटकवैभव: ।।122।। भक्तिवश्यो गुणातीत: सर्वैश्वर्यप्रदायक: । दमघोषसुतद्वेषी बाण्बाहुविखण्डन: ।।123।। भीष्मभक्तिप्रदो दिव्य: कौरवान्वयनाशन: । कौन्तेयप्रियबन्धुश्च पार्थस्यन्दनसारथि: ।।124।। नारसिंहो महावीरस्तम्भजातो महाबल: । प्रह्लादवरद: सत्यो देवपूज्यो भयंकर: ।।125।। उपेन्द्र: इन्द्रावरजो वामनो बलिबन्धन: । गजेन्द्रवरद: स्वामी सर्वदेवनमस्कृत: ।।126।। शेषपर्यड़्कशयनो वैनतेयरथो जयी …

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श्रीगोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम्-3

मुरारिर्लोकधर्मज्ञो जीवनो जीवनान्तक: । यमो यमादिर्यमनो यामी यामविधायक: ।।81।। वसुली पांसुली पांसुपाण्डुरर्जुनवल्लभ: । ललिताचन्द्रिकामाली माली मालाम्बुजाश्रय: ।।82।। अम्बुजाक्षो महायज्ञो दक्षश्चिन्तामणिप्रभु: । मणिर्दिनमणिश्चैव केदारो बदरीश्रय: ।।83।। बदरीवनसम्प्रीतो व्यास: सत्यवतीसुत: । अमरारिनिहन्ता च सुधासिन्धुर्विधूदय: ।।84।। चन्द्रो रवि: शिव: शूली चक्री चैव गदाधर: । श्रीकर्ता श्रीपति: श्रीद: श्रीदेवो देवकीसुत: ।।85।। श्रीपति: पुण्डरीकाक्ष: पद्मनाभो …

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श्रीगोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम्-2

क्रीडाकमलसन्दोहो गोपिकाप्रीतिरंजन: । रंजको रंजनो रड़्गो रड़्गी रंगमहीरुह ।।41।। काम: कामारिभक्तोsयं पुराणपुरुष: कवि: । नारदो देवलो भीमो बालो बालमुखाम्बुज: ।।42।। अम्बुजो ब्रह्मसाक्षी च योगीदत्तवरो मुनि: । ऋषभ: पर्वतो ग्रामो नदीपवनवल्लभ: ।।43।। पद्मनाभ: सुरज्येष्ठो ब्रह्मा रुद्रोsहिभूषित: । गणानां त्राणकर्ता च गणेशो ग्रहिलो ग्रही ।।44।। गणाश्रयो गणाध्यक्ष: क्रोडीकृतजगत्रय: । यादवेन्द्रो द्वारकेन्द्रो मथुरावल्लभो …

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श्रीगोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम्

अथ ध्यानम कस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्ष:स्थले कौस्तुभं नासाग्रे वरमौत्तिकं करतले वेणुं करे कंकणम । सर्वाड़्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलि – र्गोपस्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणि: ।।1।। फुल्लेन्दीवरकान्तिमिन्दुवदनं बर्हावतंसप्रियं श्रीवत्साड़्कमुदारकौस्तुभधरं पीताम्बरं सुन्दरम । गोपीनां नयनोत्पलार्चिततनुं गोगोपसंघावृतं गोविन्दं कलवेणुवादनपरं दिव्याड़्गभूषं भजे ।।2।। इति ध्यानम ऊँ क्लीं देव: कामदेव: कामबीजशिरोमणि: । श्रीगोपालको महीपाल: सर्वव्र्दान्तपरग: ।।1।। …

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श्री राम चालीसा – Shri Ram Chalisa

॥चौपाई॥ श्री रघुबीर भक्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशि दिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहीं होई॥ ध्यान धरें शिवजी मन मांही। ब्रह्मा, इन्द्र पार नहीं पाहीं॥ दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहुं पुर जाना॥ जय, जय, जय रघुनाथ कृपाला। सदा करो संतन प्रतिपाला॥ …

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श्री शिव चालीसा – Shiv Chalisa

॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥चौपाई॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥ अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन क्षार लगाए॥ वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मन …

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